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रात 1 बजे का वॉक-इन
देर से आया, कैश दिया, जल्दी निकल गया। रजिस्टर से चलते होटल में वह रात कभी हुई ही नहीं, ऐसा हो सकता है।
यहां यह क्यों खत्म हो जाता है
चेक-इन सिर्फ ऐसी बुकिंग के तौर पर हो सकता है जिसके पीछे फोलियो हो। बिज़नेस डे वहीं से शुरू होता है जहां से आप कहते हैं, तो रात 1 बजे आया गेस्ट उसी रात के खाते में बिल होता है जिस रात वह सच में सोया। नाइट ऑडिट कमरा हर हाल में गिनता है।